कटनी( अभिषेक तिवारी)। जिले में अवैध प्लॉटिंग का कारोबार तेजी से फैल रहा है। जमीन माफिया कृषि भूमि और ग्रामीण इलाकों की ज़मीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खुलेआम प्लॉट बेच रहे हैं। न तो इसके लिए किसी तरह की अनुमति ली गई है और न ही कॉलोनाइज़र एक्ट के नियमों का पालन किया जा रहा है।
कैलवारा खुर्द का मामला ताज़ा उदाहरण
सूत्रों के अनुसार राजस्व निरीक्षक मंडल मुड़वारा-02 के ग्राम कैलवारा खुर्द के खसरा नंबर -101 व 102* मे भी अवैध प्लॉटिंग का गोरखधंधा जारी है। यहां की जमीन को नियम-कायदों को दरकिनार कर बेचा जा रहा है। इस अवैध कारोबार में जमीन माफियाओं ने प्रशासन की आँखों में धूल झोंक रखी है और जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बने हुए हैं।
खरीदारों को सिर्फ कागज़ का टुकड़ा
प्लॉट खरीदने वालों को किसी तरह की सुविधा नहीं दी जा रही। न सड़क, न नाली, न पानी और न ही बिजली। लाखों रुपये खर्च करने वाले खरीदारों को केवल कागज़ का टुकड़ा थमा दिया जा रहा है। भविष्य में ऐसे लोग कानूनी और सुविधाजनक दोनों ही स्तरों पर संकट झेल सकते हैं।
राजस्व विभाग की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद राजस्व विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। खानापूर्ति के नाम पर मामले को दबा दिया जाता है। यही वजह है कि माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं और अवैध कॉलोनियों का जाल फैलता जा रहा है।
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
जिले में लगातार बढ़ रही अवैध प्लॉटिंग प्रशासन के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले वर्षों में अव्यवस्थित बस्तियां और बिना सुविधाओं वाली कॉलोनियां ग्रामीण और शहरी विकास दोनों के लिए गंभीर समस्या खड़ी करेंगी।
इनका कहना है
आपके द्वारा जानकारी दी गई है। जांच कराकर कार्यवाही कराई जाएगी।
प्रमोद चतुर्वेदी( एसडीएम)
