कटनी। शहर के सबसे संवेदनशील और सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र कोतवाली थाना से चंद कदमों की दूरी पर स्थित जिला अस्पताल परिसर में हुई दिनदहाड़े चोरी की वारदात ने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था गंभीर सवाल खड़े कर दिए है । अस्पताल परिसर के स्टाफ क्वार्टर में रहने वाली एक स्टाफ नर्स के मकान को चोरों ने निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया, लेकिन हैरत की बात यह है कि घटना को 10 दिन से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद कोतवाली पुलिस अब तक चोरों तक नहीं पहुंच सकी है।
घटना 6 दिसंबर की बताई जा रही है। स्टाफ नर्स रोज की तरह ड्यूटी पर गई थी। जब वह वापस को लौटकर आई तो घर का ताला टूटा हुआ था। और भीतर अलमारी से कीमती जेवरात व नगदी गायब थे। पीड़िता ने तत्काल कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू करने का दावा तो किया, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी की यह वारदात जिला अस्पताल परिसर के क्वार्टर हाउस नंबर H-5 में हुई, जहां चौबीसों घंटे लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद चोर बेखौफ होकर दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए।
स्थानीय लोगों और अस्पताल कर्मियों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि पुलिस चोरी के मामलों में सिर्फ एफआईआर दर्ज कर औपचारिकता निभा रही है। जबकि अपराधियों तक पहुंचने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। कोतवाली थाना क्षेत्र में इस तरह की घटना होना पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़े करता है।
अब सवाल यह है कि जब कोतवाली थाना और जिला अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के आसपास भी लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित माने? 10 दिन बीत जाने के बाद भी चोरों का सुराग न लग पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न बन गया है।