बस स्टैंड चौकी कांड में अधीनस्थ पुलिसकर्मियों पर हो चुकी कार्रवाई, अब चौकी प्रभारी की भूमिका पर निगाहें; क्या जांच के नाम पर टल रही जवाबदेही?

Editor National news tv
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कटनी। बस स्टैंड चौकी में श्रमिक अविनाश प्रजापति के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले में दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।लेकिन अब पूरे प्रकरण में चौकी प्रभारी की भूमिका और जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की जांच के दौरान चौकी प्रभारी की भूमिका की भी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन फिलहाल उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं हुई है।

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, हिरवारा कौड़िया निवासी श्रमिक अविनाश प्रजापति की शिकायत और प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि बस स्टैंड चौकी में पदस्थ आरक्षक अनमोल कुमार एवं कार्यवाहक सहायक उपनिरीक्षक बाल गोविंद प्रजापति ने बिना पर्याप्त तस्दीक और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए शिकायतकर्ता को चौकी में निरुद्ध कर उसके साथ मारपीट की। मामले में गंभीर असंवेदनशील व्यवहार, पद के दुरुपयोग तथा आमजन के प्रति अनुचित आचरण पाए जाने पर दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर रक्षित केंद्र संबद्ध किया जा चुका है।

हालांकि कार्रवाई के बाद अब चर्चा का केंद्र चौकी प्रभारी की भूमिका बन गई है। सवाल यह उठ रहा है कि चौकी परिसर में किसी व्यक्ति को निरुद्ध करने और उससे पूछताछ जैसी कार्रवाई क्या बिना प्रभारी अधिकारी की जानकारी या अनुमति के संभव है? पुलिस व्यवस्था में चौकी प्रभारी को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की गतिविधियों की निगरानी और नियंत्रण के लिए जिम्मेदार माना जाता है। ऐसे में यदि प्रारंभिक जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई है, तो चौकी प्रभारी की जवाबदेही को लेकर भी स्वाभाविक रूप से प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

कानूनी और प्रशासनिक मामलों के जानकारों का मानना है कि किसी भी पुलिस चौकी में होने वाली गतिविधियों की अंतिम जिम्मेदारी संबंधित प्रभारी अधिकारी पर होती है। यदि अधीनस्थ कर्मचारियों ने अपने स्तर पर नियमों की अनदेखी करते हुए कार्रवाई की, तो यह भी जांच का विषय है कि पर्यवेक्षण और नियंत्रण की व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। वहीं यदि घटनाक्रम की जानकारी चौकी प्रभारी को थी, तो उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

इसी कारण अब लोगों की निगाहें नगर पुलिस अधीक्षक द्वारा की जा रही जांच पर टिकी हैं। जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि घटना में चौकी प्रभारी की भूमिका क्या रही और क्या उनके स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही या जिम्मेदारी तय होती है। फिलहाल शहर में यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि दो अधीनस्थ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन चौकी प्रभारी की जवाबदेही कब और कैसे तय होगी, या फिर मामला केवल जांच तक ही सीमित रह जाएगा।

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