कटनी। एनकेजे थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरा खुर्द में महिला के घर में घुसकर मारपीट, दबंगई और लाखों रुपये ले जाने के आरोपों वाले मामले में अब नया मोड़ आ गया है। जिस शराब दुकान मैनेजर ने अपने कथित गुर्गो से महिला से को पिटवाया ।पुलिस ने उसी पर मामला दर्ज नहीं किया। इसके बजाय दो अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर पूरे मामले में केवल औपचारिकता निभाने के आरोप लग रहे हैं।
पीड़ित महिला का आरोप है कि दुर्गा चौक शराब दुकान का मैनेजर मनोज शिवहरे अपने आधा दर्जन साथियों के साथ बोलेरो वाहन में सवार होकर उसके घर पहुंचा था। महिला का कहना है कि गांव में हो रही अवैध शराब बिक्री का वह विरोध कर रही थी, जिससे नाराज होकर उसके घर में घुसकर तलाशी ली गई, मैनेजर के आदमिओ ने महिला के साथ मारपीट की और घर में रखे करीब 3 लाख रुपये भी ले जाए गए।
घटना के बाद महिला शिकायत लेकर एनकेजे थाना पहुंची थी। शुरुआत में पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की, लेकिन मामला सुर्खियों में आने और सवाल उठने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तो की, पर जिस व्यक्ति पर सबसे गंभीर आरोप लगे, उसे ही मामले से बाहर रखा गया। पुलिस ने दो अन्य लोगों पर मामला दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी पूरी होने का दावा कर दिया।
अब पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर महिला द्वारा नामजद आरोप लगाने के बावजूद शराब दुकान मैनेजर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या पुलिस दबाव में काम कर रही है, या फिर रसूखदारों को बचाने की कोशिश हो रही है?
क्षेत्र में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि यदि खुलेआम किसी महिला के घर में घुसकर दबंगई करने और मारपीट के आरोपों के बाद भी मुख्य आरोपी पर कार्रवाई नहीं होती, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे। ग्राम देवरा खुर्द की यह घटना अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि पुलिस की निष्पक्षता पर भी बड़ा सवाल बनती जा रही है।
इनका कहना है
महिला कि शिकायत मे मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है।
रत्नेश मिश्रा (डीएसपी )
