कटनी। एनकेजे थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरा खुर्द में सामने आए सनसनीखेज मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव की एक महिला ने दुर्गा चौक शराब दुकान के मैनेजर पर आरोप लगाया है कि उसने अपने साथ गुंडों को लेकर घर पहुंचकर महिला के साथ मारपीट करवाई, धमकाया और घर में रखे करीब 4 लाख रुपये छीन लिए। हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस ने शराब दुकान मैनेजर पर कोई मामला कायम नहीं किया, जबकि दो अन्य लोगों पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की औपचारिकता निभा ली गई।
पीड़ित महिला के अनुसार, गांव में अवैध शराब बिक्री का वह लगातार विरोध कर रही थी। इसी बात से नाराज होकर दुर्गा चौक शराब दुकान का मैनेजर अपने साथ कई लोगों को लेकर उसके घर पहुंचा। महिला का आरोप है कि मैनेजर की मौजूदगी में उसके साथ आए लोगों ने घर में घुसकर मारपीट की। विरोध करने पर उसे धमकाया गया और घर में रखे करीब 4 लाख रुपये छीन लिए गए।
महिला का कहना है कि पूरी घटना के दौरान शराब दुकान मैनेजर मौके पर मौजूद था और वही अपने साथ आए लोगों को निर्देश दे रहा था। घटना के बाद पीड़िता शिकायत लेकर एनकेजे थाना पहुंची, लेकिन शुरुआत में उसकी शिकायत तक दर्ज नहीं की गई। बाद में पुलिस ने मामला तो कायम किया, पर जिस व्यक्ति पर महिला ने सबसे गंभीर आरोप लगाए, उसे ही प्रकरण से बाहर रखा गया।
अब पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। आखिर जिस व्यक्ति पर महिला ने सीधे तौर पर धमकी देने, गुंडों को लेकर पहुंचने और घटना करवाने के आरोप लगाए, उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या पुलिस रसूखदारों को बचाने में जुटी है, या फिर दबाव में जांच को मोड़ने की कोशिश की जा रही है?
क्षेत्र में इस घटना को लेकर भारी चर्चा है। लोगों का कहना है कि यदि किसी महिला के घर में घुसकर दबंगई, मारपीट और लाखों रुपये छीनने जैसे आरोपों के बाद भी मुख्य आरोपी पर कार्रवाई नहीं होती, तो कानून व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर होना तय है।
इनका कहना है
शिकायत कि जांच कि जा रही है. तथ्यों को वेरिफाई कर कार्रवाई कि जाएगी।
अभिनव विश्वकर्मा (पुलिस अधीक्षक कटनी )
