कटनी। विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र में एक हार्डवेयर कारोबारी परिवार ने पड़ोसी परिवार और स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायत पत्र में आरोप है कि सड़क किनारे वेल्डिंग कार्य के दौरान निकली चिंगारियों से दुकान में आग लगने का खतरा था। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और बाद में पुलिस द्वारा कार्रवाई के नाम पर 25 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ममता गुप्ता, उमेश गुप्ता, अभय उर्फ लवकुश गुप्ता एवं आशीष गुप्ता ने बताया कि 6 जुलाई 2026 को विजयराघवगढ़ में उनके हार्डवेयर प्रतिष्ठान के सामने पड़ोसी परिवार शेड निर्माण के लिए वेल्डिंग करा रहा था। आरोप है कि वेल्डिंग की चिंगारियां उनकी दुकान तक पहुंच रही थीं, जहां कार्डबोर्ड और तिरपाल सहित ज्वलनशील सामान रखा था। आग लगने की आशंका जताते हुए जब उन्होंने सावधानी बरतने को कहा तो विवाद शुरू हो गया।
शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने एकजुट होकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंची ममता गुप्ता को धक्का देने से वह जमीन पर गिर गईं, जबकि अभय गुप्ता के सीने में दांत से काटने तथा शरीर के अन्य हिस्सों में चोट पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद वे रिपोर्ट दर्ज कराने विजयराघवगढ़ थाने पहुंचे, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। आरोप है कि पहले उन्हें मुलाहिजा (मेडिकल परीक्षण) के लिए भेजा गया और बाद में बिना रिपोर्ट दर्ज किए वापस लौटा दिया गया। दोबारा थाने पहुंचने पर भी शिकायत लेने से इनकार कर दिया गया।
शिकायत पत्र में पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि 10 जुलाई को कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और जेल भेजने की धमकी दी। आरोप है कि बाद में 25 हजार रुपये देने पर कार्रवाई से राहत देने की बात कही गई और रुपये लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने तथा जिन पुलिस अधिकारियों पर रिश्वत और लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।